कारी बदरी - बदरी की कजरी भी कारी
बने बसेरा तरे बदरिया ,
तर ही तर सब कारी कारी |
कारी अखिंयाँ की पलके कारी
बात करें सब कारी कारी ||
तभी देश बना सरकारी |
तभी देश बना सरकारी ||
कारा अक्षर, कानून है कारा,
संविधान लिखा इसी से सारा |
न्याय होत सब कारी
पहन के कारा कोट
बात करें सब कारी -कारी |
तभी देश बना सरकारी |
बदरी की कजरी भी कारी |
रतिया कारी
रतिया की बतिया भी कारी .
रतिया बाद बचे जो कोई
लगे नयन को कारी कारी |
कौआ कारा-कोकिल कारी ,
पर कोकिल की कू-कू न्यारी ,
तभी देश बना सरकारी |
तभी देश बना सरकारी ||
बदरी की कजरी भी कारी |
कारे धन की चर्चा कारी ,
जाँच होत सब कारी ,
कारा ईंधन धूम्र है कारा ,
होत जगत सब कारी -कारी |
कुछ तो काटें बैठ मलाई ,
कुछ तरसे भाजी तरकारी ,
तभी देश बना सरकारी ,
तभी देश बना सरकारी ||
गंगा कारी -जमुना कारी ,
न होयें खत्म ये हाहाकारी ,
बढ़ें रोज जब अत्याचारी ,
करैं जगत सब कारा -कारी |
तभी देश बना सरकारी |
तभी देश बना सरकारी ||

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