क्यूँ आज यहाँ मदिरालय में
भीड़ दीवानों के दिखते हैं
क्यूँ घंटी बजती देवालय में
गिरजाघर क्यूँ सजते हैं
लाज उतरती नारी की
क्यूँ हाले प्याले में गिरते हैं
ईमान खड़ा अपमानित सा
औ ,मासूम परिंदे आज यहाँ
क्यूँ फड़-फड करते फिरते हैं
भीड़ दीवानों के दिखते हैं
क्यूँ घंटी बजती देवालय में
गिरजाघर क्यूँ सजते हैं
लाज उतरती नारी की
क्यूँ हाले प्याले में गिरते हैं
ईमान खड़ा अपमानित सा
औ ,मासूम परिंदे आज यहाँ
क्यूँ फड़-फड करते फिरते हैं
No comments:
Post a Comment
www.bokonindia.com